गुलेल

6:50 AM

सोशल मीडिया के साईड इफ़ेक्ट 


वाटसऐप है या ई-गुलेल है?????

बस एक बार कोई माथा नजर आना चाहिये.... पत्थर कोई भी कीसी भी स्पीड से मार देगा


जब अपने अपने फेसबुक व टविटर हेंडल है तो अपनी अपनी गीता यहीं बांचिये न....

वाटसऐप को काहे भिंडी बाजार बना दिये???

कोई समय भी होता होगा!!! कीसी की तय दिनचर्या भी होगी


दिन भर फोटो पे फोटो!!! विडियो पे विडियो???

तो इंस्टाग्राम , पिनट्रेस्ट व फ्लिकर की क्या अगर बत्ती करेंगे!!!

विमियो , टुम्बिलर या अपने यु टयुब चैनल पे चिपकाईये अपने विडियो... जिनको देखना है वहीं आकर देख लेंगे


लिंकडइन किसलिये है जब वाटसऐप पे ही अपने बिज़नेस का भजन गाना है


जब वाटसऐप पर तीन बीघा लम्बी पोस्ट डालनी है तो ब्लाग किसलिये है???


वाटसऐप माध्यम तो था सूचना देने का

और

बना डाला कापी पेस्ट का अड्डा... कोई सीमा भी तो हो संदेश भेजने की


दुनिया भर के ग्रुप हैं 

विषय होगा पर्यावरण का बात करेंगे मोदी केजरीवाल की

विषय होगा समाज विशेष का... खींचेंगे एक दूसरे की टाँग!!!!


कितना ही निवेदन करो धैला असर नहीं होता... 

Nishkam Sewa Samiti का ग्रुप बनाया था जंजीर से जकड़े रोगियों के लिये

कुछ सज्जन रोज रिमूव करने पड़ते है

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