रोगियों की देखभाल सहजीपुरा

10:31 PM

जंजीरमुक्त रोगी के घर जाने का अहसास एक तीर्थयात्रा जैसा है
जो व्यक्ति बरसों तक जंजीरों में रहा हो और वो आज अपने पोते पोतियों को स्कूल से लाये ले जाये
देखना सकूनदायी था



You Might Also Like

0 comments